आमदार रोहित पवारांचे ‘त्या’ बिहारी नेत्याला जाहीर पत्र; वाचा काय आहे विषय

मुंबई :

सध्या महाराष्ट्रात राजकीय घडामोडी मोठ्या वेगाने घडत आहेत. विविध प्रकरणे, टीकाटिप्पणी, मागण्या यावरून करोनाच्या या अवघड काळातही राजकारण सुरूच आहे. लोक जनशक्ती पार्टीचे राष्ट्रीय अध्यक्ष चिराग पासवान या युवा बिहारी नेत्याने महाराष्ट्रात राज्यपाल शासन लागू करण्याची मागणी केली आहे. याच पार्श्वभूमीवर युवा आमदार व राष्ट्रवादी कॉंग्रेसचे युवा नेते रोहित पवार यांनी चिराग पासवान यांना खुले पत्र लिहिले आहे.

रोहित पवार यांनी लिहिलेल्या पत्रात म्हटले आहे की, चिराग पासवान जी नमस्कार। सुनने में आया आप महराष्ट्र की कानून व्यस्था को लेकर चिंतिंत हैं और महाराष्ट्र में राज्यपाल साशन लगाने की मांग कर रहे है।
अगर आप कानून व्यस्था के इतनी ही हिमायती है तो ये मांग आपने बिहार के लिए उस वक़्त क्यों नही की जब 2018 में मुजफ्फरपुर शेल्टर होम में बच्चियों पे हुए जगन्हया अपराध सामने आए इस बात से ताज्जुब होता है। तब आपने खुद कहा था कि ऐसे मामले कई और जिलों से सामने आ रहे हैं। आपने नीतीश जी के इस्तीफे तक की मांग नही की।

यावेळी रोहित यांनी थेट आकडेवारी देत पासवान यांना सुनावले आहे. त्यांनी म्हटले आहे की, यही नही, NCRB डेटा कहता है कि बिहार की राजधानी पटना मर्डर रेट के मामले में देश के 19 बड़े शहरों में अव्वल है। पटना का मर्डर रेट 4.4 है जो कि दूसरे नंबर पे रहे जयपुर के 3.1 से काफी ज्यादा है। हमारी बहनों के दहेज के लिए होने वाली हत्याओं के मामले में भी पटना अव्वल है।
यही नही, सिर्फ 2018 में ही राजेन्द्र सिंह जैसे 5 वरिष्ठ RTI अक्टविस्ट्स का खुलेआम कत्ल हो गया। कई पत्रकारों का मर्डर हुआ। भू माफिया द्वारा लोगों को मारना ,घर जलाना जैसी घटनाएं बिहार में आम है।आम जनता का क्या हाल होगा इसका पता इस बात से चलता है कि गत 15 साल में 6 से ज्यादा अधिकारियों को अपराधियों द्वारा मौत के घाट उतारा गया है
ताज्जुब होता है कि क्यों आपकी पार्टी फिर भी रूलिंग अलायन्स में है।
चिराग जी सुशांत के दुखद निधन के इस्तेमाल अपनी खुद की राजनीतिक कैर्रिर को लांच करने की कोशिश करने वाली अभिनेत्रि के सुर में सुर मिलाकर महाराष्ट्र के खिलाफ बयानबाजी करना आसान है । बिहार की हर मूलभूत इकाइयों की जर्जर परिस्थिति की जिम्मेदारी लेकर उसमें सुधार करना मुश्किल। दुख है कि आप अपनी राजीनीति के लिए आसान रास्ता चुन रहे है।
अफसोस ज्यादा इसलिए भी है कि मुम्बई का अपनापन आपने भी अपने फिल्मी करियर के दौरान जरूर महसूस किया होगा।
सिर्फ राजकीय हित के लिए महाराष्ट पर आपलोग कीचड़ उछाले ये महाराष्ट्र की जनता कभी बर्दास्त नही करेगी।  

संपादन : विनोदकुमार सूर्यवंशी

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